Home खबरे राज्यों सेउत्तर प्रदेश बनारस में घूमने के लिए ये हैं बेमिसाल जगहें

बनारस में घूमने के लिए ये हैं बेमिसाल जगहें

by Mahima Bhatnagar
Varanasi

‘भोलेनाथ की नगरी, घाटों का घेरा। हर रोज एक नया सबेरा, ऐसा है ये बनारस का बसेरा।’ वाकई बनारस की बात ही कुछ और है। ये सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एक एहसास है जो हर एक बनारसी के दिल में बसता है। बनारस जिसे काशी के नाम से भी जाना जाता है, उसका नाम सुनते ही मंदिर- मस्जिद, गंगा, घाट, पान और साड़ी का नाम जेहन में आना आम बात है। यहां वो सब कुछ है, जो एक इंसान सुकून भरी जिंदगी बिताने के लिए चाहता है। विश्व की सांस्कृतिक नगरी बनारस यानि कि वाराणसी अलग- अलग रंगों की चादर में लिपटा हुआ है। माना जाता है कि काशी देवाधिदेव महादेव की त्रिशूल पर बसी है और इस नगरी का किसी भी तरह के प्रलय में भी विनाश नहीं हो सकता है। काशी के घाट आज भी दुनिया भर में अध्यात्म, योग, धर्म और दर्शन के केंद्र हैं। वहीं देशी- विदेशी पर्यटकों के लिए ये आकर्षण का केंद्र भी है। धर्मग्रन्थों और पुराणों में इस जगह को मोक्ष की नगरी भी कहा जाता है। बनारस में ऐसी कई जगहें हैं, जिन्हें देखकर सैलानी रोमांचित हो उठते हैं। अगर आप भी बनारस जाने का प्लान बना रहे हैं तो वहां की उन जगहों की जरूर सैर कीजिएगा, जहां जाकर आपका मन रोमांचित हो उठे।

इसे भी पढ़ें: सेल्फ आइसोलेशन में इस तरह बढ़ाएं अपनी क्रिएटिव स्किल्स

अस्सी घाट

अस्सी घाट का आपने नाम तो बहुत सुना है लेकिन क्या आपको पता है कि ये घाट काशी के सौ घाटों में से प्रमुख घाट है, जिसका ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों ही महत्व है। इस घाट की सबसे खास बात ये है कि इसी पहले घाट से गंगा वाराणसी में प्रवेश करती है। यहां गंगा आपको साफ- सुथरी और प्रदूषण रहित मिलती है। साथ ही यहां का धार्मिक महत्व ये भी है कि इसी घाट पर मां दुर्गा ने शुम्भ- निशुम्भ का वध किया था।

काशी विश्वनाथ मंदिर

अगर आप बनारस आकर काशी विश्वनाथ मंदिर नहीं गये तो आपका यहां आना ही व्यर्थ है। काशी विश्वनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर में वाम रूप में स्थापित बाबा विश्वनाथ शक्ति की देवी मां भगवती के साथ विराजे हैं। यहां हर रोज आस्था का जनसैलाब उमड़ता है। लाखों श्रद्धालु यहां रोजाना दर्शन को आते हैं। इस मंदिर की मान्यता है कि पवित्र गंगा में स्नान और बाबा के दर्शन मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

इसे भी पढ़ें: ये हैं लखनऊ की मशहूर शॉपिंग मार्केट, जहां मिलेगा आपकी जरूरत का हर सामान

दशाश्वमेध घाट

इस घाट के बारे में बताया जाता है कि राजा दिवोदास द्वारा यहां दस अश्वमेध यज्ञ कराने की वजह से इसका नाम दशाश्वमेध घाट पड़ा। ये काशी के सुप्रसिद्ध घाटों में से एक माना जाता है क्योंकि इस घाट की गंगा आरती पूरी दुनिया में चर्चित है। कोई सेलेब्रिटी हो या फिर वीवीआईपी, काशी आने वाला हर सैलानी इस घाट की गंगा आरती देखने जरूर आता है। शाम के समय यहां का दृश्य इतना मनोरम होता है कि लोग कुछ पल के लिए सबकुछ भूल कर दूसरी दुनिया में खो जाते हैं। यहां आरती का समय सर्दियों में 6 बजे और गर्मियों में 7 बजे का है।

रामनगर किला

बनारस का ये किला अपनी खूबसूरती और बेहतरीन लोकेशन के लिए जाना जाता है। यहां पर कई सुपरहिट फिल्मों का फिल्मांकन भी हो चुका है। इस किले का पश्चिमी द्वार, जो गंगा नदी की ओर खुलता है, वहां पर बाढ़ के समय गंगा के तल को मापने का एक मानक चिन्ह बनाया गया है ताकि नदी के लेवल का अंदाजा लगाया जा सके। अगर आप अपनी तस्वीरें खिंचवाने के लिए कोई उम्दा लोकेशन ढूंढ रहे हैं तो आपको रामनगर के इस किले से बेहतर कोई जगह नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ये किला घाट से लगा हुआ है। गंगा नदी का किनारा और किले का खूबसूरत नजारा आपका दिन बना देंगे।

इसे भी पढ़ें-दिल्ली की सबसे फेमस डिश, क्या आपने लिया है इनका लुफ्त

गोदौलिया मार्केट

इस मार्केट को बनारस के सबसे बड़े कपड़ा बाजार के नाम से जाना जाता है। यहां आपको फेमस बनारसी साड़ियों का खजाना मिलेगा। ये मार्केट स्ट्रीट शॉपिंग के लिए बेस्ट माना जाता है। सबसे खास बात इस मार्केट की ये है कि यहां आने के लिए आपको अलग से प्लान नहीं बनाना पड़ेगा। अगर आप बाबा विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करने गये हैं तो आपको ये मार्केट रास्ते में ही मिल जायेगा। जूलरी, कपड़े, हैंडमेड क्राफ्ट से लेकर हर चीज आपको यहां सही और सस्ते दामों में मिल जायेगी। इस मार्केट में आपको बनारसी सिल्क की एक से एक दुकानें तो मिलेंगी ही, साथ ही जरी और सिल्क के भी कई खूबसूरत नमूने यहां देखने को मिलते हैं।

कचौड़ी गली बनारस

पकवान का नाम आते ही सबसे पहले जिस शहर का नाम आता है, वो है काशी। घाट से लेकर पान तक, यहां की हर बात निराली है। कहते हैं कि एक बार जिसने बनारस का स्वाद चख लिया, मरते दम तक वो शख्स उसे भूल नहीं पाता। अगर आप बनारस आये और यहां की कचौड़ी गली की सैर नहीं की तो क्या किया। यहां जैसी कचौड़ी, जलेबी और लस्सी कहीं और मिल ही नहीं सकती। पहले यह इलाका कूचा अजायब के नाम से जाना जाता था, जहां अजीबोगरीब चीजें मिला करती थीं। लेकिन बाद में यहां खाने- पीने की दुकानें लगने लगीं और आज यह एक मशहूर कचौड़ी गली के नाम से मशहूर है।

अलकनंदा- काशी क्रूज

जी हां, आपने सही पढ़ा… क्रूज राइड और वो भी बनारस में। अलकनंदा- काशी नाम का ये क्रूज आपको वाराणसी के सभी घाटों की सैर करायेगा। सच मानिए, ये आपके लिए बहुत ही बेहतरीन अनुभवों में से एक होने वाला है। इस क्रूज में 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इस क्रूज में सैलानियों को बनारस की सुबह और गंगा आरती दिखाई जायेगी। ये क्रूज आपको अस्सी घाट से राजघाट तक ले जाएगा। इस 2 घंटे के सफर में आपको जो अनुभव होने वाला है, वो वाकई कमाल का है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये क्रूज दिन में दो बार चलता है।

Related Articles

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.