फानी तूफान बना लोगों के लिए आफत

by Madhvi Bansal

फानी तूफ़ान पिछले 40 सालों का अब तक का सबसे भयंकर तूफ़ान माना जा रहा है। ‘चक्रवाती फानी’ ओडिशा के पुरी तट से टकराने के बाद अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजेफानी तूफान ने 245 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तांडव मचाया, फानी के कारण समुद्री तट के पास पेड़, झोपड़ी और कच्चे मकान सबकुछ उड़ गए। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। बता दें किओडिशा के बाद फानी अब बंगाल की ओर बढ़ रहा है। इससे पहले ओडिशा में फानी को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा। समुद्री किनारों से लोगों को हटा कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचा गया।

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इसरो के उपग्रहों से मिली बड़ी कामयाबी

  • मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा ये चक्रवाती तूफान अगले १२ घंटो में उत्तर और उत्तर – पूर्व की दिशा में आगे बढ़ेगा
  • अब तक करीब ४० लोगो की मौत की पुष्टि की गई है , लेकिन अच्छी बात येथी कि करीब 11 लाख लोगों को सुरक्षित बचाया गया। ऐसा सिर्फ भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के उपग्रहों के द्वारा दी गई चेतावनी के कारण हो पाया ।
  • ये हर 15 मिनट पर ग्राउंड स्टेशन को नई जानकारी दे रहेथे। इसरो की चेतावनी और पूर्वानुमान की वजह से ओडिशा के करीब 10,000 गांवों और 52 शहरी इलाकों में लोगों को सुरक्षित बचाया जा सका।
  • 5000 से ज्यादा शेल्टर होम तैयार किए गए। ISRO ने इस काम केलिए 5 सैटेलाइट तैनात किए थे। ISRO की Insat-3D, Insat-3DR, Scatsat-1, Oceansat-2 और मेघा ट्रॉपिक्स उपग्रहों ने लगातार ओडिशा पर नजर रखी।
  • इन्होंने अगर समय पर तूफान की पहचान न की होती तोशायद इससे कही ज्यादा जान माल का नुकसान होता।

सरकारी एजेंसियां राहत कार्य में जुटी

राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक खुद पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वही प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार चक्रवाती तूफान से प्रभावित राज्यों के साथ संपर्क में है और चक्रवात प्रभावित राज्यों कोअग्रिम राशि जारी कर दी गयी है। एनडीआरएफ और राज्य आपदा दल राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सड़कों पर गिरे पेड़ और इमारतों के मलबे को हटाया जा रहा है। चक्रवाती तूफान फानी से प्रभावितलोगों को शरण देने के लिए स्कूलों को आश्रय स्थल में तब्दील कर दिया गया है।

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