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दुनिया की क्रिप्टोकरेंसी और उनके नियम

by Jiya Iman
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आज दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी का बोलबाला है क्योंकि इसने बहुत ही थोड़े से टाइम में फाइनेंशियल मार्केट में खुद को मजबूती के साथ स्थापित कर लिया है लेकिन क्रिप्टोकरंसी का प्रयोग केवल ऑनलाइन ही अवेलेबल है जिसकी वजह से इस करेंसी का लेनदेन फिजिकली नहीं किया जा सकता है। इसे डिजिटल मनी के नाम से भी जाना जाता है।

वर्तमान में पूरी दुनिया में क्रिप्टो करेंसी काफी ज्यादा प्रचलित हो चुकी हैं क्योंकि इनका प्रयोग अधिक से अधिक लोग कर रहे हैं हालांकि कुछ देशों में क्रिप्टोकरंसी इल्लीगल मानी जाती है लेकिन फिर भी सभी लोग अमीर बनने के लिए इस रास्ते को अपनाने से मानते नहीं हैं। आइए जानते हैं कि दुनिया की कौन-कौन सी क्रिप्टोकरंसी है जो बहुत फेमस है –

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बिटकॉइन (BTC)

यहां आपको बता दें कि जब क्रिप्टोकरंसी की बात होती है तो सबसे ऊपर नाम बिटकॉइन का ही आता है क्योंकि यह दुनिया की सबसे पहली क्रिप्टो करेंसी है जिस को बनाने वाले का नाम Satoshi Nakamoto है। जानकारी दे दें कि इस डिजिटल करेंसी को उन्होंने 2009 में बनाया था। इसका प्रयोग केवल ऑनलाइन सामान या फिर सर्विस को खरीदने के लिए किया जा सकता है क्योंकि यह एक डिसेंट्रलाइज्ड करेंसी है जिसका अर्थ यह हुआ कि सरकार का इसमें कोई सहयोग नहीं है। साथ ही यहां बता दें कि मौजूदा समय में एक कॉइन की कीमत तकरीबन 13 लाख रुपए है।

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एथेरियम (ETH)

एथेरियम बिटकॉइन की तरह ही एक डिजिटल करेंसी है और जानकारी के लिए बता दें कि बिटकॉइन के बाद यह दुनिया में दूसरे नंबर की सबसे पॉपुलर क्रिप्टो करेंसी है जिस के फाउंडर का नाम Vitalik Buterin है। अभी हाल फिलहाल में ही इस करेंसी को दो हिस्सों में बांट दिया गया एथेरियम और दूसरा एथेरियम क्लासिक है।

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लाइटकॉइन (LTC)

लाइटकॉइन भी डिसेंट्रलाइज्ड क्रिप्टो करेंसी है जिसको बनाने के पीछे Charlee Lee का नाम आता है जोकि बहुत पहले गूगल के एंप्लॉय रह चुके हैं। यहां बता दें कि लाइटकॉइन के बहुत सारे फीचर्स बिल्कुल बिटकॉइन के तरह ही हैं। इसीलिए आज विश्व भर में इस करेंसी का भी काफी नाम है।

डोगीकॉइन (Doge)

डोगीकॉइन बारे में आपको बता दें कि शुरू में इसे केवल बिटकॉइन से मजाक करने के तौर पर बनाया गया था और जिसकी तुलना कुत्ते से की गई थी लेकिन आगे चलकर इसने क्रिप्टो करेंसी का रूप धारण कर लिया था। यहां आपको बता दें कि इसके फाउंडर का नाम Billy Markus है।

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फेयरकॉइन (FAIR)

फेयरकॉइन आज दुनिया की एक ऐसी क्रिप्टोकरंसी है जो ग्रैंड सोशली कॉन्शियस विजन का हिस्सा है। यहां जानकारी दे दें कि यह बिटकॉइन की ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का प्रयोग तो करता है परंतु यह दूसरे क्रिप्टोकरंसी की तरह दूसरे नए कोइंस के ऊपर बिल्कुल भी डिपेंड नहीं होता है।

डैश (DASH)

डैश का अब से पहले नाम xcoin और dark coin भी चुका है और बता दें कि इसका मतलब है डिजिटल और कैश। साथ ही साथ बता दें कि यह बिटकॉइन की तरह की ही क्रिप्टो करेंसी है परंतु इसमें बिटकॉइन के मुकाबले में अधिक फीचर्स मौजूद हैं। किसी भी यूजर की प्राइवेसी को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया जाता है।

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पियरकॉइन (PPC)

पियरकॉइन के बारे में जानकारी दे दें कि यह पूर्ण रूप से बिटकॉइन प्रोटोकॉल के ऊपर आधारित है और इसके सोर्स कोड भी बिटकॉइन से काफी मिलते-जुलते हैं। यह भी बता दें कि पियरकॉइन में ट्रांजेक्शन और माइनिंग करते समय बहुत ही थोड़ी पॉवर की आवश्यकता होती है।

रिप्पल (XRP)

रिप्पल बारे में बता दें कि यह क्रिप्टोकरंसी साल 2012 में रिलीज की गई थी और अब यह एक बहुत ही अधिक फेमस और लोकप्रिय क्रिप्टो करेंसी है। साथ ही यह भी बता दें कि यह डिस्ट्रीब्यूटर ओपन सोर्स प्रोटोकॉल के ऊपर आधारित करेंसी है।

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मोनेरो (XMR)

मोनेरो करेंसी साल 2014 के बाद से काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुई है और यह क्रिप्टोकरंसी सभी प्रकार के सिस्टम के ऊपर काम कर सकती है और बिटकॉइन की तरह ही है प्राइवेसी और डिसेंट्रलाइजेशन पर फोकस बहुत ज्यादा करती है।

क्रिप्टोकरेंसी के लिए रेगुलेशंस

इसमें किसी भी तरह का कोई शक नहीं है कि क्रिप्टोकरंसी आज पूरे विश्व में काफी ज्यादा फेमस हो चुकी है लेकिन अभी तक ऐसे बहुत सारे देश है जहां पर क्रिप्टोकरंसी को वैद्य नहीं किया गया है इनमें से इंडिया भी एक है। लेकिन मौजूदा समय में भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बात को स्वीकारा है कि क्रिप्टो करेंसी के द्वारा हमारे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार आ सकता है। साथ ही साथ आरबीआई के गवर्नर का यह भी कहना है कि अगर ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की बात की जाए तो फिर वह अलग है और उसका फायदा उठाना कोई बुरी बात नहीं है परंतु जहां बात क्रिप्टो करेंसी की आती है वहां पर थोड़ी सी चिंता करने की आवश्यकता है।

भारत की सरकार क्रिप्टो करेंसी को लेकर सीरियस है और इसीलिए संसद में एक विधेयक भी पेश करने का प्लान बना रही है। ऐसी आशा है कि इस तरह से भारत में क्रिप्टोकरंसी को बेचने के साथ-साथ उसके खरीदने पर रोक लगाएगी। वहीं अगर सरकार अपनी डिजिटल करेंसी को मार्केट में लाएगी तो तब उसके लिए कुछ शर्तें और नियम भी बनाए जाएंगे।

क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कानून / वैधता

जैसा कि सभी जानते हैं कि भारतीय सरकार क्रिप्टोकरंसी पर एक कानून लाने का विचार कर रही है जिससे कि हमारे देश में क्रिप्टो जैसी मुद्राओं को लेकर अस्पष्टता खत्म हो जाएगी। बता दें कि सरकार ने बार-बार यह कहा है कि इस प्रकार की करेंसी को लीगल नहीं घोषित किया जा सकता है और साल 2018 में आरबीआई ने भी देश के सभी बैंकों को सर्कुलर भेजा था जिसमें यह निर्देश दिया गया था कि क्रिप्टो ट्रेडिंग करने वाले नागरिकों को बैंक अपनी सेवाएं बिल्कुल भी प्रदान ना करें। हालांकि आरबीआई के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट ने अनुपातहीन बताते हुए अलग कर दिया था।

इसलिए कानूनी तौर पर क्रिप्टो करेंसी को लेकर आज भी हमारे देश में अस्पष्टता ही बनी रही है और शायद इसी वजह से हमारे देश भारत में लगातार क्रिप्टोकरंसी के ग्राहकों की संख्या बढ़ती ही गई जिसे कोई भी नहीं रोक सका। वैसे बिटकॉइन की आसमान छूती हुई कीमत से ग्राहक पहले से भी ज्यादा इस तरफ आकर्षित हो रहे हैं लेकिन देखना अब यह है कि भारत में क्रिप्टोकरंसी को लेकर क्या बनेगा? वैसे सरकार को चाहिए कि ब्लॉकचेन को लेकर अब अपना नजरिया बदलें और स्मार्ट विनिमय के लिए आगे बढ़े।

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